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मै लिख नहीं पाऊंगा

PoetryShayari
Pradyumn Kumthekar 3 min read

Card Number 1

समंदर को बाल्टी में नहीं समाया जा सकता।

लिखते-लिखते अक्सर मुझे यह महसूस होता है कि कुछ ऐसी बातें हमेशा रहती हैं, जिन्हें लिखना किसी लेखक के लिए भी नामुमकिन-सा लगता है। प्यार उन्हीं में से एक भाव है जो समंदर-सा विशाल है, उसे लफ़्ज़ों की किसी भी बाल्टी में समेटना बिल्कुल भी आसान नहीं होता।